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हिमाचल की संस्कृति में अमर्यादित भाषा का स्थान नहीं : अजय वर्मा

हिमाचल की संस्कृति में अमर्यादित भाषा के लिए कोई स्थान नहीं : अजय वर्मा
धर्मशाला विधायक को बयान देते समय मर्यादा और तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए : वर्मा
विधायक के परिवार की राजनीतिक विरासत का हवाला देकर अजय वर्मा ने साधा निशाना


कांगड़ा, 14 अगस्त। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बयानों को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने धर्मशाला विधायक पर निशाना साधा है। कांगड़ा स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और सभ्यता में अमर्यादित भाषा के लिए कोई स्थान नहीं है।

अजय वर्मा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों को किसी भी मुद्दे पर बयान देते समय भाषा की मर्यादा और तथ्यों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मशाला के वर्तमान विधायक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर जिस तरह की टिप्पणी की है, वह हिमाचल की राजनीतिक और सामाजिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी को लेकर विधायक को दी नसीहत

प्रेस वार्ता में अजय वर्मा ने कहा कि धर्मशाला विधायक को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बारे में टिप्पणी करते समय शब्दों का चयन जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, क्योंकि प्रदेश की राजनीति में व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर एक राजनीतिक मर्यादा रही है।

उन्होंने कहा कि विधायक के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर भी उन्हें अनावश्यक रूप से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। अजय वर्मा के मुताबिक, उनके खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है, वह नियमों के अनुसार की जा रही है।

कार्रवाई को नियमों के तहत बताया

अजय वर्मा ने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि या व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है तो उसे राजनीतिक दबाव के रूप में देखने के बजाय उसके तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा रही है और यदि धर्मशाला विधायक के पास इस मामले से जुड़े तथ्य हैं तो उन्हें सामने रखने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि विधायक को लगता है कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई गलत है, तो उन्हें संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

विधायक के परिवार की राजनीतिक विरासत का भी किया जिक्र

अजय वर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान धर्मशाला विधायक के परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधायक के पिता ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।

वर्मा ने कहा कि ऐसे परिवार से आने वाले जनप्रतिनिधि से राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि परिवार के संस्कार ऐसे नहीं रहे हैं कि इस तरह के बयान दिए जाएं।

पहली बार मंत्री बनने के बाद संपत्ति को लेकर उठाया सवाल

अजय वर्मा ने धर्मशाला विधायक के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उनके पहली बार चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद हुए निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि विधायक जब पहली बार धर्मशाला से चुनाव जीतकर मंत्री बने, उस दौरान उन्होंने महलनुमा बड़ा घर बनवाया।

वर्मा ने इसी संदर्भ में सवाल उठाते हुए कहा कि पहली बार मंत्री बनने के दौरान इतना पैसा कहां से आया, यह जांच का विषय है। हालांकि यह अजय वर्मा द्वारा उठाया गया सवाल है और उन्होंने इसे लेकर कोई निष्कर्षात्मक आरोप प्रस्तुत करने के बजाय जांच की बात कही।

उन्होंने कहा कि यदि धर्मशाला विधायक के पास अपनी संपत्ति और उस निर्माण से संबंधित पूरे तथ्य और दस्तावेज हैं, तो उन्हें किसी बात से डरने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी जुबानी जंग

अजय वर्मा की प्रेस वार्ता ऐसे समय हुई है जब प्रदेश की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। मुख्यमंत्री और सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों के बाद सत्ता पक्ष की ओर से भी जवाब दिए जा रहे हैं।

वर्मा ने अपने बयान के जरिए राजनीतिक विरोध के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की पहचान शांतिपूर्ण राजनीतिक वातावरण और सामाजिक सौहार्द के लिए रही है। ऐसे में नेताओं को सार्वजनिक मंचों से बयान देते समय प्रदेश की संस्कृति और राजनीतिक परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।

वर्मा बोले- तथ्यों के साथ अपनी बात रखें जनप्रतिनिधि

अजय वर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को किसी भी विषय पर अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें अपने आरोपों और बयानों के समर्थन में तथ्य भी रखने चाहिए। उन्होंने धर्मशाला विधायक से भी इसी आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं और सरकार की नीतियों का विरोध भी किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अमर्यादित भाषा से राजनीतिक संवाद की गरिमा प्रभावित होती है।

प्रेस वार्ता के दौरान अजय वर्मा ने धर्मशाला विधायक के परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता ने प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऐसे में मौजूदा राजनीतिक पीढ़ी से भी उसी राजनीतिक संस्कार और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है।